गौतम बुद्ध की वाणी
जीवन की शिक्षा यह है कि सब कुछ अस्थाई है
इसलिए आत्मा को स्थिर रखो
जो भी अंदर दिखता है उसे बाहर उत्तर ढूंढने की
जरूरत है
जितना संभव हो सके दूसरों के लिए करुणा भाव
बनाए रखो
अपनी आंतरिक शांति को खोजो
क्योंकि वही सच्चे सुख की जड़ है
धर्म का अभ्यास हर क्षण जागरूक रहने की कला है
मैन जितना कम चाहता है उतना अधिक शांत रहता है
जितना हो सके अपने दिए हुए वचनों का पालन करने
का प्रयास करो
अपना दीपक स्वयं बनोतभी चमकोगे
स्वयं को समझना दूसरों कोसमझने की कुंजी है
एक मोमबत्ती से हजारों मामबत्तियां जलाई जा
सकती हैं
और उस मोमबत्ती की उम्र कम नहीं होती
अर्थात खुशी बांटने से कभी काम नहीं होती
जो बदल रहा है उसे स्थाई मानना ही भ्रम है
तीन चीजे ज्यादा देर तक नहीं छुपा सकती
सूरज ,चंद्रमा, और सत्य
आज संतोष ही अंतहीन दौड़ का
कारण है
स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है
संतोष सबसे बड़ा धन है और वफादारी सबसे बड़ा
संबंध है
जब मन सरल होता है तभी सख्त स्पष्ट दिखाई देता
है
हजारों लड़ाइयां जीतने से अच्छा है
कि तुम स्वयं पर विजय प्राप्त कर लो
फिर जीत हमेशा तुम्हारी होगी
सही समय पर कहा गया शब्द जीवन बदल सकता है
धर्म का पाठ अहंकार को
धीरे-धीरे मिटाता है
और विनम्रता को जन्म देता है
शांति पाने के लिए कुछ जोड़ना नहीं
बहुत कुछ छोड़ना पड़ता है
स्वयं पर भरोसा रखो
कोई और तुम्हें मुक्ति नहीं दे
सकता
जो अपने भीतर ठहरना सीख गया
वह बाहर भटकना छोड़ देता है
जैसे दीपक बिना तेल के नहीं जलता
वैसे ही जीवन बिना जागरूकता के नहीं चमकता
दया और करुणा से ही आत्मा शुद्ध होती है
जीवन निरंतर प्रवाह है रुकना ही संघर्ष है
आसक्ति काम होते ही दुख भी काम हो जाता है
दुख का अंत इच्छाओंकी अंत होने से होता है
सही विचार सही वाणी और सही कम यही जीवन का
मार्ग है

कोई टिप्पणी नहीं: