कभी-कभी हद से ज्यादा अच्छे होने की भी कीमत चुकानी पड़ती है

 


दुख तब होता है जब हमारी नीयत साफ हो

और अगला हमको गलत समझे

 

अकेले ही लड़नी पड़ती है जिंदगी की जंग

सलाह देने वाले बहुत हैं पर साथ देने वाला कोई नहीं

 

जीवन में इतने व्यस्त रहिए की चिंता, नफरत, दुख, डर, के लिए समय ही ना बचे

याद रखिए जीवन में खाली व्यक्ति ही सबसे ज्यादा दुखी होता है

 

कभी यह सोचे कि मेरे बिना किसी का काम नहीं होगा

यह वह संसार हैजहां ताश का पत्ता गुम होने पर लोग जोकर को भीबादशाह बना लेते हैं

 

जरूरी नहीं कुछ गलत करने से ही दुख मिले

कभी-कभी हद से ज्यादा अच्छे होने की भी कीमत चुकानी पड़ती है

 

दूसरों की गलतियां गिरने से बेहतर है

अपनी कमियों को पहचान कर उन्हें सुधारने की कोशिश करना 

 


कुछ लोगों को हमइज्जत देना चाहते हैं

लेकिन वह अपने व्यवहारसे साबित कर देते हैं किउन्हें इसकी जरूरत नहीं

 

किसी घर में एक साथ रहना परिवार नहीं कहलाता

बल्कि एक साथ जीना एक दूसरे को समझना और एक दूसरे की परवाह करना परिवार कहलाता है

 

किस मोड़ पर ले आती है नौकरी इंसान को

अपने ही घर जाने के लिए दूसरों से इजाजत लेनी पड़ती है

 

धोखा मिल जाए तो सह लेना पार्थ

पर किसी का दिल कभी मत तोड़ना

क्योंकि जो धोखा खाता है वह वक्त के साथ संभल जाता है

लेकिन जो धोखा देता है वह एक दिन सब कुछ खो जाता है

 

सच बोलने की ताकत हर किसी में नहीं होती

और जो यह ताकत रखते हैं वह अकेले चलना भी जानते हैं

 

किनारा ना मिले तो कोई बात नहीं लेकिन दूसरों को डुबोकर कभी मत तैरना

क्योंकिकिसी को दुखी करके आपकुछ दिन खुश रह सकते हैं लेकिन फिर आपको अपने किए गए कर्मों कोभुगतना होगा

 

रिश्ता कांच जैसा नहीं बल्कि मिट्टी जैसा होना चाहिए

जो टूट भी जाए तो भी उसे फिर से जोड़कर नया आकार दिया जा सके

 

समाज एक ऐसा बाजार है जहां सलाह थूक में और सहयोग ब्याज पर मिलता है

 

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