pahle pyar ki sayri 15 से 17 साल वालों के लिए शायरी

 

चेहरे के साथ-साथ दिल भी साफ रखिए क्योंकि…..

रब की नजर चेहरों पर नहीं..दिल पर होती है….



 जो जितना नजरों से दूर होता है

वह उतना ही दिल के करीब होता है

जिसकी एक झलक भी मुश्किल से मिले

वही जिंदगी में सबसे खास होता है

 

जरूरी नहीं की हर रिश्ता खून का हो

कुछ रिश्ते खून से भी बढ़कर होते हैं

 

काश दिल की आवाज में इतना असर हो जाए

हम करें याद और उनको खबर हो जाए……

 


जानता पहले से था मैं लेकिन एहसास अब हो रहा है

अकेला तो बहुत समय से हूं मैं पर महसूस अब हो रहा है……



मेरी छोटी सी जिंदगी है

और सबसे खूबसूरत हिस्सा तुम हो

 

दूर होकर भी पास लगते हो

दुनिया मतलबी पर तुम खास लगते हो

 

बिखरना तो लाजिमी था उसे कांच के रिश्ते में

पर अब पत्थरों की तरह खुद को तारसना है

बहुत जी लिए हम दूसरों की पसंद के खातिर

अब अपनी ही आंखों में खुद को तलाशना है

 


तुमसे दूर रहकर भी तुम्हें ही महसूस करता हूं……

तुम मेरी किस्मत में हो या नहीं पर मैं तुम्हें अपनी आदत बन चुका हूं….

 

तेरी पसंद मेरी चाहत बन गई है

तेरी मुस्कुराहट मेरे दिल की राहत बन गई है……

 

खुशियां आने को मजबूर हो गम आपसे हमेशा दूर हो

तनहाइयां बनाये ना दूरी आपसे आपका बस यही दस्तूर हो

 

सस्ती सी मेरी जिंदगी का महंगा सा ख्वाब हो तुम

हां मेरी जान मेरे लिए बहुत खास हो तुम…….

 


आदत नहीं है मुझे सब पर फिदा होने की

पर तुझ में कुछ बात ही ऐसी थी कि

दिल को समझाने का मौका ही ना मिला

 

हमारी मोहब्बत की हद तय न कर पाओगे तुम

हमारी सांसें तो खत्म हो सकती हैं पर मोहब्बत नहीं






कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.