गीता उपदेश
आत्मज्ञान का दीपक जलाने वाला व्यक्ति
जीवन के हर अंधकार को मिटा सकता है
जब हृदय में अहंकार मिटता है
तभी सच्चे प्रेम का जन्म होता है
ईश्वर हमें कभी नहीं छोड़नाछोड़ना
हम ही अपने कर्मों से उनसे दूर हो जाते हैं
सच्चा योग वह है
जिसमें मन बुद्धि औरआत्मा एक हो जाते हैं
जो अपने कर्तव्य का पालन करता है वही सच्चा योगी है
दुख और सुख दोनों ही छड़िक है
इनसे ऊपर उठाना ही ज्ञान का आरंभ है
मां को जितना की सबसे बड़ी विजय है
क्योंकि वही सबसे कठिन युद्ध है
जब हम अपने कर्म को ईश्वर को समर्पित कर देते हैं
तब हर कार्य पूरापूजा बन जाता है
सच्ची भक्ति वही है जो बिना किसी अपेक्षा के की जाए
भाई वही है जहां विश्वास कमजोर होता है
श्रद्धा से डर भी मिट जाता है
सफलता का रहस्य है काम करो फल की चिंता मत करो
जो अपने कर्म में प्रेम देखता है
वही जीवन को भक्ति में बदल देता है
ईश्वर हर हृदय में विराजमान है
बस मन की आंखें खोलने की देर है
आत्मा ना जन्म लेती हैन मरती है
वह शाश्वत है और अविनाशी है
सत्य का मार्ग कठिन जरूर है
परंतु वही मुक्ति का मार्ग है

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